वर्षा ऋतु के आगमन का प्रतीक है यह त्योहार



सूर्यदेव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन को सूर्य की संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। सूर्यदेव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं तो इस दिन को मिथुन संक्रांति के रूप में मनाया जाता…



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